ये कहानी सुन कर हमारा सर शर्म झुक जायेगा | Radha sowami

ये कहानी सुन कर हमारा सर शर्म झुक जायेगा | Radha sowami

ये कहानी सुन कर हमारा सर शर्म झुक जायेगा | Radha sowami

एक बार एक जगह सत्संग का Program खतम हो चला था| बस नाम की बक्शीस वाली संगती रुकी हुई थी और कैंटीन की एक ही खिरकी खोलने का हुकम था| तभी वह पर एक नव विवाहित लेडी आयी फिर एक फ्रूटी पे ऊँगली रखने का इशारा किया, फिर एक बिस्कुट पे इशारे से कीमत पूछी फिर उसने भी इशारे से ही कीमत बता दी फिर उसने अपने दूर खरे पाती को ताली बजा कर बुलाना चाहा पर वो असफल रही|

फिर उसने मुस्कुरा के मेरी तरफ देखा उसकी प्यारी सी मुस्कान से और असफल कोशिश से मेरा तोरा मन भर आया,  फिर मेने किसी को आवाज दे कर उसके पाती को बुलवाया पता चला की वो भी बोल और सुन नहीं सकता था, दोनों की मीठी नोंक जोख़ चल परी, की वो फ्रूटी पीना चाहती थी पर रात के वातावरण के अनुसार लड़का माना कर रहा था|

दोनों मुझे बड़े ही प्यारे लग रहे थे, मुझे ये सब से प्यार सा झगरा लगा तोरी ही देर में , में उनका इशरा देख कर सब समजने लगा, फिर लड़की ने पेपर पेन में लिख कर लड़के से पुचा अपने आज का सत्संग सुना था, मालिक कितना अच्छा समझा रहे थे उसने कहा नहीं हमे बस १० से २० मिनट ही मिलते है|

अभी लड़की लिख ही रहा था की दिमाग एक दम कोन्ध गया, फिर दुकानदार ने लड़के से पूछा की तुम तो सुन और बोल नहीं सकते हो तो सत्संग कैसे सुनते हो उन दोनों ने एक दुसरे की तरफ मुस्कुराते हुए देखा और पेपर पर लिखा (Lip-reading) मतलब जो बाबा के होट होते है, उससे समजने की कोशिश करता हूं|




ऐसा सुन कर है मेरे सत गुरु मेरे पुरे बदन के रोंगटे खरे हो गए| है भगवान मुझ जैसे आदमी जिस को सरे अंग सही सलामत बख्से है, ऐसे लोगो को सत्संग में नींद आ जाती है और ये जो की सुन भी नहीं सकते और एक बोल भी नहीं सकता वो २ घंटे का सत्संग बिना अपनी पलके झपकाये निरन्ता से गुरु के होट देखा कर सत्संग समजते है|

में तो बस उन प्यारी सी दो रूहों को ही देखता रह गया, जिन होने बिना कुछ बोले ही इतनी अच्छी सिख देके बोल कर प्यारी सी आपस में नोंक झोक करते हुए मेरी आँखों से दूर हो गए|

तो दोस्तों ये सब बाते हम लोगो पर ही लागु होती है हम कहते है, की हम जब सत्संग में जाते है तो नींद आती है, और हमरे अन्दर आदत होती है| जहां पर कुछ अच्छा चल रहा होता है हम उसे नजर अंदाज कर देते है, या बोलते है हमे नींद आ गई थी, हमारा ध्यान बताख गया था, या कई दफा यहाँ होता है की हम सत्संग में रहेते है और हमारा दिमाग घर या फिर कही और होता है ऐसे में हम वो जो सम्हा है उसे खो देते है|

पर दुनिया में ऐसे भी लोग है जो दुनिया में जिन्हे सुनायी नहीं देता और बोल नहीं सकते वो २ घंटे बिना पलके झपकाये गुरु का पूरा  सत्संग देख कर समझ जाते है, lips-reading से सब समझ जाते है, की वो किया बोल रहे है तो किया समझेगे आप लोग अपने आप को उन लोगो के सामने की हम कितने छोटे है ऐसे लोगो के सामने की हमारे पर सब दिया है मालिक का और हम वहा पूछते नहीं है, अगर पहुँच भी जाते है तो वह पर होते नहीं है|

 

ये कहानी सुन कर हमारा सर शर्म झुक जायेगा

 

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