दो भाई की सच्ची कहनी|| Two brorher real story

दो भाई की सच्ची कहनी|| Two brorher real story

दो भाई की सच्ची कहनी|| Two brorher real story

दो भाई की सच्ची कहनी: किसी शहर में दो भाई रहते थे| एक पूजा पाठ करने वाला था और दूसरा वाला पूजा में ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखता था| बड़ा भाई बहुत ज्यादा पूजा पाठ बहुत करता था, और उसकी रूचि सत्संग में बहुत थी|

वो हर सत्संग में जाता था| और अपने छोटे वाले भाई को भी कहता था की तू भी सत्संगी बन जा पर छोटा भाई कहता था|

की मुझे कोई सत्संगी नहीं बनना है, तब उसके भाई ने कहा देख अगर तुजे सत्संगी नहीं बना तो मत बन पर एक बात याद रखना कभी जिंदगी में अगर मुसीबत में हो तब एक बार मेरे गुरु को सचे दिल से याद करना तो वो तेरे को जरूर बचाएंगे|

बड़ा भाई सत्संगी था| वो भजन करता सत्संग में जाता रहता था| एक दिन की बात है| बड़ा भाई घर पर था और छोटा भाई काम पर गया हुआ था, तब वह पर किया हुआ वो एक कुए के अन्दर गुसा हुआ था और वह अचानक आग लग गयी और वह सब लोग जान बचाने के लिए वह से भग गए और वह कुए के अन्दर से सोचने लगा की इतनी गर्मी कियु लगने लगी|



तब उसने ऊपर किया देखा की सारा प्लांट जल रहा है फिर उसने सोचा की वह से कैसे निकलु पर वो वह से निकाल ना सका और वह बहुत ज्यादा डर गया और सोचने लगा की अब मेरा मरना तह हो गया है|

तोरी देर बाद उसे अपने भाई की बात याद आ गई, और वो वही बेठ गया और सचे दिल से बोला हे परमात्मा हे दाता अगर मेने अपनी पूरी जिंदगी में एक भी काम मानव धर्म के लिए किया होगा तो मुझे बचा ले प्रभु?

तभी वह एक रौशनी हुई और वह एक महापुरुष दिखाई देने लगे जिनकी लम्बी मुछे, बढ़ा कद, और मुखरा इतना चमक रहा था| वो मन में सोच रहा था मेने कभी जिंदगी में इतने चमक वाले महापुरुष को नहीं देखा है|

तभी महत्मा उसे बोलते है घबरा मत में तुजे यहाँ बचने के लिए आया हूं और महात्मा उसे बहार निकाल कर बोले की जा तेरा भाई घबराया हुआ भगा चला आ रहा है|

तभी महत्मा वह से ओजल हो गए और वो अपने भाई को आते देखता है| बड़े भाई ने पूछा की तू सही तो है ना यहाँ सुनते ही उसने अपने बड़े भाई को गले लगा लिया और रोने लगा| वो इतना रोया की कहा नहीं जा सकता है|

दो भाई की सच्ची कहनी Two brorher real story
Two brorher real story

फिर उसने घर पर आ कर सारी बात बताई और यहाँ सुन कर भाई के आँखों से आशु रुकने का नाम नहीं ले रहे थे और फिर उसने परमात्मा को दन्यवाद दिया और बोला है परभू आप ने मेरी लाज रख ली नहीं तो में माँ बाप को किया मुह दिखता|

तो दोस्तों आप लोग समज ही गए होंगे की अच्छे कर्मो का परिणाम अच्चा ही होता है|

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