ये 5 short moral story in hindi बदल देंगे आप की जिंदगी |

ये 5 short moral story in hindi बदल देंगे आप की जिंदगी |

ये 5 short moral story in hindi बदल देंगे आप की जिंदगी 

दोस्तों ये 5 short moral story in hindi  ऐसी कहानी है | जो आप को कठनाइयों  से निकल कर सफलता तक लेकर जाएगी |

वैसे तो आप ने बहुत सारी मोरल स्टोरी पढ़ी होगी पर ये 5 short moral story in hindi  जैसी कहानियाँ कभी नहीं  पढ़ी होंगी पर ये कहानी मेरे जीवन की सबसे पसंदीदा कहानी है जो की में आप के साथ आज शेयर करने जा रहा हूँ |

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दुनिया को नहीं खुद को बदलो 

बहुत समय पहले की बात है , एक राजा राज करता था | एक दिन वो अपने राज्य की सैर  पर निकला , राज्य की सड़के अच्छी नहीं थी |

और राजा पहली बार इतने लम्बे सफर पर निकला था | वापस आने आने पर उसके पैर में बहुत दर्द हो रहा था उसने आदेश दिया की राज्य की सारी सड़के पर चमड़ा चढ़ा दिया जाये |

सभी दरवारियों ने सोचा की इसमें तो बहुत ज्यादा पैसा खर्चा होगा और बर्बाद होगा और बहुत से जानवर मारे जायेंगे | पर किसी को भी राजा से बात करने की हिम्मत नहीं हुई |

एक दरवारी ने हिम्मत करके राजा की कहा की है  ” राजन  इतना पैसा बर्बाद करने से तो अच्छा है की आप एक चमड़े के टुकड़े से अपने पैरों को ढॅक ले ”

राजा ने  इस सलह को मान कर अपने लिए एक जूता बनवा लिया और दरवारी को उसकी बुद्धिमत्ता के लिए पुरुस्कार दिया गया |

तो दोस्तों इस कहानी एक moral story in hindi से हमे ये सीख मिलती है की अगर आप दुनिया की बेहतर बनाना चाहते है तो दुनिया को नहीं ख़ुद  को बदले | दुनिया की बदल पाना जितना कठिन है , अपने को बदलना उतना ही आसान हैं |

बकरी और लोमड़ी 

एक बार एक बकरियों का झुण्ड घास चर रहा था | अच्छे और स्वादिष्ट घास की खोज में एक मेमना अपने झुण्ड और चरवाहों से बहुत दूर निकल गया | उसने देखा नहीं की एक भेड़िया उसका पीछा कर रहा है |

और जल्द ही उस भेड़िया ने उसे दबोच लिया, अपनी जान खतरे में देख मेमने ने कहा मैने अभी ढेर सारी घास खाई हैं मेरा पेट घास से भरा हैं | अगर तुम कुछ देर इंतजार करोगें तो मेरे पेट की घास पच जायेगी और में खाने में और ज्यादा स्वादिष्ट लगूंगा |

भेड़िये को लगा मेमना ठीक कह रहा हैं | वो इंतजार करने लगा थोड़ी देर बाद मेमने को हिम्मत आई और उसने कहा अगर में ज़ोर ज़ोर से नाचूं तो मेरा खाना और जल्दी पच जायेगा भेड़िये ने उसकी बात मान ली और मेमना ज़ोर ज़ोर से नाचने लगा |

नाचते हुए उसने भड़िये से कहा आप मेरे गले की घंटी निकाल ले और उसे ज़ोर ज़ोर से बजाये , इससे में और ज़ोर से नाचूँगा और मेरा खाना जल्दी पच जायेगा |

मेमने की बात मानते हुए भेड़िये ने मेमने की गले की घंटी निकाल की और उसे ज़ोर ज़ोर से बाजने लगा | चरवाहे जो मेमने को खोज रहे थे , घंटी  की आवाज सुन कर वहाँ आगये और भेड़िये को डरा कर वहाँ भगा दिया |

सीख : दोस्तों इस कहानी से हमें सीख  मिलती है की आप कितने ही कंजूर कियों ना हो , अपनी बुद्धि से किसी भी मुश्किल से निकल सकते हैं |

गलतियों  से सीखों

दोस्तों आज हम बात करने जा रहे है एडिसन के बारे में | एडिसन ने दो हज़ार से ज्यादा धातुओं की जाँच की बल्ब के फिलामेंट बनाने के लिये  और पाया की उनमे से कोई भी फिलामेंट बनाने के लिए उपयुक्त नहीं हैं |

एडिसन के असिस्टेंट ने मायूस होकर शिकायत की, हमारी सारी मेहनत बर्बाद हुई है | हमने इतने प्रयास से कुछ भी हासिल नहीं हुआ |

एडिसन ने उसको समझया नहीं ऐसा नहीं हैं , हमने बहुत कुछ सीखा , अब हम दो हज़ार ऐसे धातुओं  को जानते हैं जो बल्ब के फिलामेंट बनाने योग्य नहीं है |

और अपने प्रयास से एडिसन ने आखिरकार एक ऐसे धातु की खोज की जो बल्ब के फिलामेंट बनाने के किये उपयुक्त था |  तो दोस्तों इस कहानी से हमे ये शिक्षा मिलती है | हमारे द्वारा किया गया कोई भी काम व्यर्त नहीं जाता है |

क्या फर्क पड़ता है ?

सागर में तूफान आया , तूफान ने सागर से मछलियाँ बहार निकल दी , सागर किनारे लाखों मछलियाँ तड़प-तड़प कर मर रही थी |

एक बच्चे  से रहा नहीं गया और वह एक-एक मछली को उठाकर समुद्र में वापस फेंकने लगा | बेटे को ऐसा करते देख उसकी माँ बोली – बेटा, मछलियाँ तो लाखो की संख्या में है, तो तुम इनमें  से कितनों की जान बचा पाओगे |

माँ की बात सुनकर, उस छोटे बच्चे ने मछलियों को और तेजी से समुंद्र में फेंकने लगा | उसकी माँ फिर बोली – बेटा रहने दे , इससे कोई फर्क नहीं पड़ता |

यह सुनकर बच्चा ने एक तड़पती मछली को समुंद्र में फेंकते हुए जोर से बोला – माँ , इसको तो फर्क पड़ता है |

दोस्तों इस कहानी से हमे ये सिख मिलती है की ये जरुरी नहीं आप बड़ा प्रयास करें सही दिशा में किया गया छोटा से छोटा प्रयास सराहनीये हैं |

बंदन 

एक मुसाफिर ने देखा की बड़े बड़े हाथियों को सिर्फ पतले पतले रसियों से ही बाँदा कर रखा गया है | इतने विशाल हाथी और इतने मजबूत , और कहा  ये पतली पटली रसियों से बाँदा कैसे हो सकता हैं |

अब वह के माहवत ने बताया की जब हाथी छोटे छोटे होते हैं तो वो उनको ऐसे ही रसियों में बाँध कर रखते हैं , हाथी  का बच्चा कई कोशिश के बाद भी उन रसियों को छुड़ा  नहीं पता , वो कोशिश करना ही बंद कर देता हैं | बड़े होने पर भी वो सोचता हैं की ये रसियों उससे नहीं टूट सकती हैं |

तो दोस्तों हमने इस कहानी से ये सिख मिलती है की हम भी ऐसी भ्रान्ति पल कर अपने आप को न जाने किन बंदनों में बाँध कर रखते हैं | दोस्तों मेने ये 5 short moral story in hindi बदल देंगे आप की जिंदगी कहानी अगर आप को पसंद आयी है तो मुझे नीचे कमेंट कर जरूर बताये | 

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