बाबा जी ने बोला अब तो बोल दो जय माता दी ||Radha-Swami-Sakhi Bolo-Jai-Mata-Di

बाबा जी ने बोला अब तो बोल दो जय माता दी ||Radha-Swami-Sakhi Bolo-Jai-Mata-Di

Radha-Swami-Sakhi Bolo-Jai-Mata-Di

एक समय की बात है जब बाबा जी सत्संग के लिए हिमाचल जा रहे थे| और जो ड्राईवर गाड़ी चला रहा था वो माता को बहुत मानता था |माचल के Rashte में एक मंदिर अता था वह ड्राईवर जब भी वह से गुजरता था तो माता के मन्दिर में माथा टेकते हुए जरुर जाता था|

पर इस बार उस के मन में कुछ चल रहा था और सोच रहा था की अभी तो मेरे साथ बाबा जी है तो में माथा टेकने कैसे जाऊंगा| वो किया सोचेंगे की में RADHA SOWAMI मंच से ज़ुरा हुआ हूं और एक सत्संगी होकर में मंदिर में माथे टेकता फिरता हूं|

यहाँ सोच कर उसने गाढ़ी नहीं रोकी और वह बिना गाढ़ी रोके आगे चल दिया| वह जैसे तोरी आगे निकले ही थे अचानक बाबा जी ने कहा पाई गाढ़ी U-Turn लेले माता के मंदिर की और चल मेने उस माता के मंदिर के बारे में बहुत कुछ सुना हैगा|



और बोले जब यहाँ तक अये है| तो अब माता के दर्शन करके ही जायेंगे| ड्राईवर बढ़ा हेरान था वो माता के दर्शन कर गाढ़ी में बेठ कर फिर जाने लगे| करीब दस पंद्रह मिनट तक गाढ़ी में कोई कुछ न बोला ना बाबा जी नाही वो ड्राइवर फिर बाबा जी बोले पाई अब तो जय माता दी बोल दे फिर बाबा जी ने उसे बतया की में ये नहीं कहता हूं की मंदिर मत जाओ या गरुद्वारा मत जाओ|

आप लोग सत्संग में आते हो सिमरन का माहोल बना हुआ रहता है| और आप वह रब से जुड़ा हुआ मासुस करते हो ऐसा ही माहोल आप को मंदिर या गुरुदवारे में भी मिलता है| आप लोग वह अपनी आप को रब दे नाल जुड़ा हुआ महसूस करते हो , पर उसके बाद किया होता है जब आप वह से वापिस अजाते हो या सत्संग से भी वापिस आने के बाद किया होता है|

फिर आप की जिन्दगी वही हो जाती है बिना ईश्वर जो आप पहले जी रहे थे| आप को ऐसा माहोल बाना लेना चाहिये चाहे आप मंदिर जाओ गुरूद्वारे जाओ बस आप उस मालिक की बताई  भक्ति मत भूलों और अगर आप भुल जाते हो और उन के बतये हुए RASHTE में नहीं चलते हो तो चाये आप लाख मन्दिर, गुरुद्वारे में माथे टेक लो, लाख सत्संग बीच आजाओ आप को मुक्ति नहीं मिलेगी|

बाबा जी ने बोला अब तो बोल दो जय माता दी Radha-Swami-Sakhi Bolo-Jai-Mata-Di
बाबा जी ने बोला अब तो बोल दो जय माता दी Radha-Swami-Sakhi Bolo-Jai-Mata-Di

तो कहने के मतलब यहाँ है | की आप कही भी जाओ माथा टेको अगर आप परमात्मा के संग जुढ़े हुए हो तो आप मंदिर में जाओ गुरुद्वारे में जाओ उस नाम दी कमाई , वो BAKHTI का RASHTA जो दासा वा है उसपे ही चलाना उस Rashte से हटो मत तभी आप को MUKHTI मिलेगी|

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