बिना हाथों वाले आदमी की दर्दनाक कहानी || Painful Story of a man with no hands

बिना हाथों वाले आदमी की दर्दनाक कहानी || Painful Story of a man with no hands

बिना हाथों वाले आदमी की दर्दनाक कहानी

दोस्तों आज जो में आप को कहानी बताने जा रहा हूं वो एक ऐसे इंसान की है जिसके दोनों हाथ नहीं थे | उम्मीद  करता हूं आप को ये कहानी पढ़ कर एक आछी बात शिक्षा मिलेगी |

एक फकीर था उसके दोनों बाजु नहीं थे | और वह एक बाग में रहता था जहाँ पर Machar बहुत ज्यादा हुआ करते थे | मैने कई बार देखा उस फकीर को वो आवाज देकर और सर नीचे कर भीख लेता था | यहाँ देख कर मैने उस फकीर से एक दिन पूछा की तुम पैसे तो ले लेते हो पर रोटी कैसे खाते हो ?





तब उस फकीर ने बताया की जब शाम होती है | तो उस समय में नान बाई को पुकारता हूँ की अजा माँ आकार पैसे ले जा और रोटिया दे जा और वह भीख के पैसे उठा कर रोटियाँ दे जाता है|

उसके बाद मैने पूछा की तुम्हारे तो दोनों हाथ है नहीं तो खाते कैसे हो ?

तो वह बोला अपनी आप तो खा नहीं सकता हूँ, पर आने जाने वाले लोगो को आवाज़ देता हूँ, और बोलता हूँ परभु तुम्हारे हाथ बनाये रखे और मेरे ऊपर दया करो और रोटी खीला दो मुझे मेरे हाथ नहीं है | 

मेरे ऐसे कहने पर कोई तो सुनता नहीं पर मेरे ऊपर किसी किसी को तरस आ जाता है| और वह परभू का प्यार मेरे पास आ बेठता है, और रोटी के टुकरे मेरे मुँह में डालता रहता है, और में खता रहता हूं, ये सुन कर मेरा दिल भर आया और मेने पूछ लिया की पानी कैसे पीते हो |

उसने बोला ये जो घड़ा देख रहे हो न में इस घड़े को तांग के सहरे जुखा के इस प्याले को भरता हु फिर पशु के सामान जुखा कर पानी पी लेता हूं |

फिर मैने पूछा की यहाँ Machar बहुत है अगर ये परेशान करते है तो किया करते हो ?

फकीर ने बोला तब में अपने बदन को जमीन में रघरता हूँ पानी से निकली मछली की तरह और जमीन में लोटता ही और तड़पता हूं | मैने सोचा है परभु बस दो हाथ ना होने से कितनी तखलीफ़ होती है |

वह बोलो अरे इस शरीर की नींदा मत करो ये तो अनमोल रतन है | शरीर का हर अंग इतना कीमती है, की संसार का कोई भी खजाना उसका मोल नहीं चूका सकता, तो ये भी सोचो की यहाँ शरीर मीला किस लिए है |

इसका हर अंग उपयोगी है, इनका उपयोग करो स्मरण करो की ये आंखे पाप को खोजने के लिए नहीं मिली है | कान निंदा सुनने के लिए नहीं मिले है | हाथ दुसरो का गला दबाने के लिए नहीं मीले है | यहाँ मन भी अहंकार में डूबने या मोह माया में डूबने के लिए नहीं मीला है |

ये आंख तो परमेश्वर को खोजने के लिए मिली है, जो हमें परमात्मा के बताये रस्ते में चलना बताये | ये हाथ पर्णी मात्र की सहयता करने के लिए मिले है | ये पैर उस RASHTE पे चालने के लिए मिले है जो परमात्मा तक जाता है | ये कान उस सन्देश को सुने के लिए मिले है, जिस से परमपद पाने का मार्ग बतया जाता है | 

ये जीब उस परमात्मा का गुण गान करने के लिए मिली है, और ये मन उस सतगुरु में मीला लेने के लिए मीला है मेरे मित्रों |जीवन में आनंद ही आनंद होगा मान लो मेरी बात हम रहे न रहे मेरी लिखी बात तो हमेशा याद आयेगी |

दोस्तों तो आप ने इस कहानी में समज लिया ही होगा की हमारे शारीर का हर अंग किता IMPORTANT है , और जीन बीचारो के कोई एक अंग भी काम नहीं करता उनको कितनी तकलीफ और कितनी मुशिबत का सामना करना पढ़ता है |

दोस्तों में यही कहना चाहुँगा की आप उन लोगो की मदत करे जिन का कोई अंग खराब है, और उनसे उनकी मदत के लिए पूछे और मदत करे आप से जितनी होती है |

बिना हाथों वाले आदमी की दर्दनाक कहानी Painful Story of a man with no hands
बिना हाथों वाले आदमी की दर्दनाक कहानी Painful Story of a man with no hands

Painful Story of a man with no hands

दोतो उम्मीद करता हु की आप को बिना हाथों वाले आदमी की दर्दनाक कहानी पसंद आयी होगी तो मुझे कोमेंट कर बतये”:

और भी अधयत्मिक कहानी पढ़े:-

बाबा जी कैसे हमरी रक्षा करते है?

प्रेम कैसा होना चहिये

दो भाई की सच्ची कहनी

बाबा जी ने बोला अब तो बोल दो जय माता दी

 

 

 

 

Leave a Comment