माँ पर ये 5 कविताएँ हिंदी में – Meri Maa Poem in Hindi

Meri Maa Poem in Hindi: दोस्तों आज में आपको माँ पे कुछ Hindi Poem शेयर करने जा रहा हूँ उम्मीद करता हूँ की आपको ये कविताएँ जरूर पसंद आएंगी | वैसे तो माँ पर बहुत सारी कविता है पर में उनमें से सबसे अच्छी-अच्छी कविता जो मुझे पसंद है आपके साथ शेयर करूँगा | दोस्तों वैसे तो दुनियाँ में एक माँ ही हैं जो अपने बच्चों को दुनियाँ में आने से नो महीने पहले से जानती हैं |

Meri Maa Poem in Hindi
Meri Maa Poem in Hindi

Meri Maa Poem in Hindi

जब में बनी एक माँ 

मैंने कभी नहीं जाना था माँ ! पर जाना है अब जब में खुद बानी एक माँ |

माँ मुझे आज भी याद है मेरे बीमार पढ़ने पर आपका रात-रात तक जागना और मेरी छोटी से चोट पे आपका घबरा जाना |

मेरे खना ना खाने  आपका डाटना मेरे खना खाने के बाद आपका खना खाना |

मेरे देर से घर पहुंचने पर आपका घबरा जाना | और मेरी हर गलती पर आपका माफ़ करना |

आपका मुझे कभी अकेला ना छोड़ना | आप का विदाई के समय चुप-चुप के रोना |

मैंने ना जाना था तब माँ पर जान लिया है अब माँ |

माँ का आँचल

वो माँ का आँचल वो पापा  कंधे वो भाई बहन का प्यार और वो बचपन तकरार याद आते है |

मुझे बचपन के वो दिन बचपन की वो मासुमियत बचपन का वो प्यार |

कहाँ गयी वो यादें वो अपना छोटा संसार क्यो करते है आज हम आपस में तकरार |

कभी-कभी  सोचता हूँ ये बड़ा होना है बेकार फिर सोचता हूँ ऐसा होगा तो कैसे चलेगा संसार |

क्यो हम अपनी जवानी में सब कुछ भुला देते हैं |

वो माँ का प्यार वो पापा का दुलार ना जाने हम उनकों क्यो रुला देते हैं |

खुद आधी रोटी कहकर पेट भर खिलाया हमको और खुद आधी बिस्तर सोकर रजाई में सुलाया हमको |

किया यहीं दिन देखने के लिए बड़ा किया हमको |

हम तब भी उनके लिए बच्चे थे हम आज भी उनके लिए बच्चे हैं |

वो तब भी प्यार करते थे वो अब भी प्यार करते हैं |

क्यो नहीं सोचते हम कल हमको भी बड़ा होना हैं जिस जगह वो है कल हमको भी वह होना हैं |

जो उन्होंने सहा क्या हम वो सह पाएंगे अपने ही बच्चों के मुँह किया हम इतना सह पाएंगे |

माँ का दिल 

माँ शब्द देखा जाये तो अपनी आप में परिपूर्ण हैं,  और  हमरे जीवन में उनका प्यार ही सबकुछ होता हैं |

माँ के दिल में बच्चों की खास जगह होती हैं | वो उनके लिए हमेशा हस्ती रहती हैं |

हम खुश होते हैं तो वो भी खुश होती है और अगर हम दुःखी होते हैं तो वो भी दुःखी होती हैं |

दुनियाँ में एक माँ ही हैं जो अपने बच्चों को कभी अकेला नहीं छोड़ती |

हम सब को अपनी माँ का सम्मना करना चाइये |

तू कहाँ हैं माँ 

तू कहती हैं माँ की तू कुछ जानती नहीं | इस दुनियाँ को तू पहचानती नहीं |

दुनियाँ को नहीं पता की में अब भूड़ी हो चलीं हूँ | पर मेरी ख़ुशी और गम जान लेती है तू |

बेटा में तेरी माँ हूँ बिन बोले तेरी आहट पहचान लेती हूँ |

बेटा माँ कितनी भी भूड़ी हो जाये भले तेरी मदत के लिए हाथ न उठे |

पर भगवान से तेरी भलाई के लिए दुआ मांग लेती हूँ |

में माँ हूँ तेरी बेटा तेरे ना बोलने पर भी तेरे कदमों की आहट से तेरे मन की बात जान लेती हूँ |

माँ तुम बहुत याद आती हो 

माँ तुम बहुत याद आती हो |

आज काल क्यो तुम मुझे रुला जाती हो जब तुम मुझे याद आती हो माँ |

जब सुबह को जगता हूँ तेरी तस्वीर को देखकर मेरी आँख रोती हैं |

सर पे हाथ फेर के अब तुम मुझे क्यो नहीं उठती हो माँ |

तरस गया हूँ तेरी आवाज सुनने को बेटा कह के तुम मुझे अब क्यो नहीं भुलाती माँ |

तेरे हाथ से खाये वो निवाले मुझे याद आते है माँ | भूख से तड़पता हूँ पर तुम क्यो नहीं पूछती माँ |

चोट जब लगती है दर्द से चीला जाता हूँ माँ | पर तुम मुझे अब क्यो नहीं गले लगाती माँ |

याद आता है मुझे वो तेरी गोद में आराम से सोना | नहीं रह सकता हूँ तुम्हारे बेगार अब तो मुझ पे तरस खाओ माँ |

दोस्तों बहुत खुश नसीब होते है जिनके सर पर माँ का साया होता हैं |

दोस्तों आपको हमरी ये कविता Meri Maa Poem in Hindi कैसी लगी कमेँट में जरूर बातये |

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