अपने अन्दर के डर को कैसे ख़तम करें – Bhagavad Gita lessons In hindi

अपने अन्दर के डर को कैसे ख़तम करें

How to over come fear it Bhagavad Gita lessons In hindi: एक बार एक बकरी चराने वाला अपनी बकरियों को जंगल  जाता हैं | एक बार गलती से एक बकरी और दो बच्चें जंगल में छूट जाते हैं | बकरी पहले तो थोड़ा घबराती हैं ! क्योंकि की बकरी अच्छे से जानती हैं  की जंगल में शेर है और  की रात बकरी उसका खाना बनाने वाली हैं | बकरी को अपनी मौत का डर सताने लगता हैं |

How to over come fear it Bhagavad Gita lessons In hindi

माँ को डरा देख कर बकरी के बच्चे भी डर जाते हैं | बच्चों को उदास देखकर बकरी एक योजना बनाती है और बच्चों को अपना प्लान बताती है बच्चों को प्लान सुनकर थोड़ी तसल्ली होती हैं | शाम होते ही शेर का शिकार करने का समय आता है और जैसे ही शेर शिकार करने बाहर निकलता हैं बकरी अपने दोनों बच्चों के साथ शेर  गुफ़ा  जाकर ही चुप जाती हैं |

एक पेड़ पर बैठा बन्दर ये सब देख़ लेता हैं शेर सारा जंगल छान मरता हैं पर उसे कोई भी जानवर खाने के  लिए नहीं मिलता और शेर थक हार के खाली हाथ गुफ़ा की और वापिस लौट रहा होता है, तभी पेड़ पर बैठा बंदर शेर को बताता हैं गुफा में बकरी अपने बच्चों के साथ छुपी हैं | पर शेर को यकीन नहीं होता |

शेर बन्दर को जवाब देता हैं बकरी की इतनी हिमात हो ही नहीं सकती पर बंदर शेर  यकीन दिलाता हैं  वो सच बोल रहा हैं | शेर यह सुन ख़ुश हो जाता है और बोलता हैं की आज तो मेरी दावत जायेंगी और जैसे बकरी के बच्चों को पता लगता हैं शेर गुफा बहार है बकरी के बच्चे डर जाते है | और बकरी बच्चों से कहती हैं जैसे हमने प्लान बनाया हैं  वैसे ही करना और जैसे ही शेर गुफ़ा के अंदर कदम रखता हैं वैसे ही अंदर से आवाज़ आती हैं |

माँ-माँ हमे बहुत भूख लगी हैं तब बकरी कहती हैं सब्र रखो अभी शेर मामा आयेंगे तब हम उन्हें नोंच-नोंच कर खायेंगे शेर सुन  डर जाता हैं और बंदर को फटकार लगाकर पूछता हैं | सच बता गुफ़ा में कौन हैं बन्दर कहता हैं यक़ीन मानों अंदर बकरी ही हैं शेर बंदर को गुस्से में कहता हैं हो जी नहीं सकता बकरी में इतनी हिमत नहीं हो सकती की वो मेरी गुफ़ा में चली आए और मेरे अंदर आने इंतजार करे बंदर कहता हैं यकीन मानों अंदर बकरी ही हैं |

तब शेर बंदर को जोड़  फटकार लगा कहता है अगर अंदर बकरी हैं तो तू भी साथ चल शेर को अंदर जाते डर लग रहा था तभी शेर ने बंदर अपने साथ चलने कहाँ बंदर भाग ना जाए इसलिये शेर ने बंदर  जोर  पकड़ लिया शेर डरा हुआ था की उससे भी तागतवार जानवर उसकी गुफ़ा  अंदर हैं |

शेर की आगे चलने  हिमत नहीं हो रहीं थी तभी शेर ने उल्टा चलना शुरू कर दिया ताकि मुसिबत पढ़ने पर तेजी से भाग सके तभी प्लान के अनुसार बकरी के बच्चें कहने लगे माँ-माँ बहुत भूख़ लग रहीं है अब रहा नहीं जा रहा हैं | और जैसे ही बकरी ने शेर और बंदर को गुफा के अंदर आते देखा बकरी का ध्यान गया शेर ने बंदर को पकड़ा हुआ हैं |

तभी बकरी ने कहा वो देखों बंदर चाचा शेर को पकड़ कर ले आए हैं और अब हम शेर नोंच-नोंच कर बोटियाँ अलग कर के खायेंगे ये सुन कर शेर को लगा बंदर उसे किसी का शिकार बनाने के लिए लेकर जा रहा हैं और शेर वहां से दुम दबा के बहार भाग निकला शेर के साथ-साथ बंदर भी भाग गया और इस से बकरी और उसके बच्चों की जान बच गयी |

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