(Hindi Poem) – 4 line poem on corruption in hindi

4 line poem on corruption in hindi: दोस्तों आज में एक आर्टिकल आप लोगों के साथ शेयर करने जा रहा हूँ जिस में आप को हमरे देश भारत की जलक मिलेगी | मुझे आशा है की आप को ये आर्टिकल बहुत पसंद आएगा कियु की ये एक Poem की तरह है ! अगर आप को इस में कुछ गलत लगता हो या किसी के मन को कोई ठेश पहुंचे ये मेरा मकसद नहीं है में तो बस अपने सुझाव आप लोगो के सामने रख रहा हूँ !

4 line poem on corruption in hindi

इस देश की हैं ! बीमारी ये भूखे भ्रष्टाचारी |

जिस थाली में खाना खाते ! ये छेद उसी में करते !

लात ग़रीब के पेट में मार ! घर अपना ये भरते हैँ !

इस देश की हैं बीमारी ! ये धनवान भिखारी !

ले हाथ कटोरा घर-घर जाते ! मौसम जो चुनाव का आता !

अल्लाह के नाम पे दे दो वोट ! गाना इनको बस एक ही आता !

इस देश की हैं बीमारी ! ये मूल्यों के हैं व्यपारी !

नीलम देश को कर दे ये ! जो इनका बस चल जाये !

भारत माँ को कर शर्मिंदा ! ये उनकी ये उनकी कोख जलाये !

इस देश की हैं  बीमारी ! ये दानव अत्याचारी !

खून चूस कर जनता का !  अपना राज चलाये !

जो खली रह गया इनका पेट ! नरभक्षी भी बन जाये !

इस देश की है बीमारी ! देखो इनकी गददारी !

गाय का चारा खाते ये ! कोयले की कालिख लगते ये !

भारत माँ का सौदा कर ! उसको भी नोंच खाते ये !

इस देश की हैं ! बीमारी ये भूखे भ्रष्टाचारी |

निरक्षक:दोस्तों ये Poem आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे ताकि मेरी मेहनत सफल हो जाये मेरा बस ये मकसद है की हमारे देश के नेता जो कोई भी ऐसी हरकते करते हैं वो सुधर जाये कियु की कहते है न एक गंदी मछली पुरे तालाब को गन्दा कर देती है !

दोस्तों ये 4 line poem on corruption in hindi की कविता आप को किसी लगी हमे कम्मनेट कर के जरूर बातये : घन्यवाद 

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