दिल को दर्द देने वाली सच्ची कहानी – Emotional Short Story in hindi

Emotional Short Story in hindi : दोस्तों आज में आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसे पढ़ने के बाद आपको एक अच्छी शिक्षा मिलेगी जब मैंने इस कहानी को सुना तो मुझे भी तोड़ी अजीब लगी पर बात बिलकुल साफ और सच्ची हैं |

Emotional Short Story in hindi

एक बार किसी जगह पर एक कार्यक्रम हो रहा था | जिसमे कुछ शादी सुदा जोड़े हिस्सा ले रहे थे जिस समय प्रोफ़ेसर मंच पर आए उन्होंने नोट किया की सभी पती  पत्नी  जोक्स पर हंस रहें थे ये देख कर प्रोफ़ेसर  कहा चलो एक गेम खलते हैं |

उसके बाद अपने विषय पे बात करेंगे और सब खुश हो गए और बोले कौन सा गेम सर तब  प्रोफ़ेसर ने एक शादी-शुदा महिला  खड़ा किया और बोला तुम ब्लैक बोर्ड पर ऐसे दस-बीस नाम लिखो जो तुम्हें सबसे ज़्यादा प्यारे हो |

लड़की ने पहले अपने परिवार के नाम लिखें फिर अपने सगे सम्बंदि के नाम लिखें बाद में दोस्त पड़ोसी और सहकर्मियों के नाम लिखें अब प्रोफ़ेसर ने कहा अब इनमें से पांच नाम मिटा दो जो तुम्हें कम पसंद हो और फिर लड़की ने अपने सहकर्मियों के नाम मिटा दिए फिर प्रोफ़ेसर ने कहा अब पांच नाम और मिटा दो अब लड़की ने अपने पड़ोसी के नाम मिटा दिए और अब प्रोफ़ेसर ने कहा और आठ नाम मिटा दो अब लड़की ने अपने सगे सम्बंदि और दोस्तों के नाम मिटा दिए |

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अब ब्लैक बोर्ड पर शेष चार नाम बचें थे जो उसके मम्मी-पापा ,पती और बच्चे का नाम था अब प्रोफ़ेसर ने कहा इसमें से अब दो नाम और मिटा दो अब लड़की थोड़ा सोच में पड़ गई और वह दुःखी होते हुए अपने मम्मी-पापा का नाम भी मिटा देती हैं | सभी लोग डरे हुए और शांत थे इसलिए की वो गेम सिर्फ लड़की नहीं खेल रहीं हैं |

अब सिर्फ़ दो नाम बचें थे पती और बेटे का प्रोफ़ेसर ने कहा एक नाम और मिटा दो अब लड़की ने अपने बेटे का नाम काट दिया और प्रोफ़ेसर ने कहा तुम जाओ और अपनी सीट में जाकर बैठ जाओ और प्रोफ़ेसर ने सब से पूछा की कोई बता सकता है ऐसा क्या हुआ जो पती का नाम ही बोर्ड पर रह गया |

कोई जवाब नहीं दे पाया फिर प्रोफ़ेसर  दुबारा  लड़की बुलाया और पूछा ऐसा किया हुआ जिसने तुम्हें जन्म दिया और पाल पौश के इतना बड़ा किया तुमने उसका नाम मिटा दिया और जिस बच्चे तुमने अपनी कोख़ से जन्म दिया उसका भी नाम तुमने मिटा दिया क्यो ?

तब लड़की कहती हैं मम्मी पापा अब बूढ़े गए हैं और कुछ साल बाद वो मुझे या इस दुनियाँ को छोड़ कर चले जाये और मेरा बेटा जब बड़ा हो जायेगा तो जरुरी नहीं की शादी  मेरे साथ ही रहे, लेकिन मेरे पती जब तक मेरी जान में जान है तब तक मेरा आधा शरीर बन कर मेरा साथ निभएंगे |

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इस लिए मेरे लिए सबसे अजीज मेरे पती है फिर प्रोफ़ेसर और जनता ने सब  मिलकर ताली बजाई और बोले माजक मस्ती तक ठीक हैं पर सब से सबको अपना पती ही होता है | क़्योंकि तुम सब बिना तो जी सकते पर अपने पती  बेगर नहीं |

 

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