ससुराल को कैसे बदलते हैं – Ek Ghar Ki Real Life Inspirational Stories in Hindi

Ek Ghar Ki Real Life Inspirational Stories in Hindi: दोस्तों आज में आपके सामने एक ऐसी स्टोरी लेकर आया हूँ जिसे पढ़ने के बाद आप अपने दोस्तों को जरूर शेयर करेंगे | कयोंकि जब मैंने ऐसी कहानी के बारे में सुना तो मुझे लगा की ये जरूर आप लोगों के साथ शेयर करनी चाहिये जिसे की कई घरों में और कुछ लोगों को पता लगे की वो क्या गलत करते है |

Real Life Inspirational Stories in Hindi
Real Life Inspirational Stories in Hindi

Ek Ghar Ki Real Life Inspirational Stories in Hindi

ससुराल को कैसे बदलते हैं 

एक लड़का एक लड़की एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे | लड़का का नाम मनोज था और लड़की का नाम बबीता, दोनों शादी भी करना चाहते थे |  दोनों ने अपने घर में बात की घर वाले तैयार हो गए शादी भी हो गई दोनों ही बहुत खुश थे उनके घर वाले भी बहुत खुश थे
लेकिन बबीता और उसकी सास में बिल्कुल भी नहीं बनती थीं रोज कुछ ना कुछ झगड़ा या कोई बात हो ही जाती पहले तो इन बातों को बबीता इग्नोर करते रही|

लेकिन मनोज बहुत परेशान होता रोज रोज झगड़ा देख कर वह और भी परेशानियां था ऑफिस जाता काम में उसका मन नहीं लगता वह अपनी पत्नी और अपनी मां के बारे में ही सोचता रहता कि किसी तरह झगड़ा बंद हो लेकिन ऐसा नहीं होता रोज झगड़ा होता तभी उसने फैसला किया कि मैं अपनी फैमिली से अलग रहने का उसकी पत्नी यह जानकर पहले तो बहुत खुश हुई |

लेकिन बाद में कुछ सोचने लगी क्या यह ठीक रहेगा हम अलग रहेंगे ? पहले अपना घर छोड़ आर्इ और अब ससुराल भी छोड़ दूंगी लेकिन उसका पति भी मन ही मन अपनी फैमिली को नहीं छोड़ना चाहता था लेकिन अपनी पत्नी को खुश देखने के लिए अपनी फैमिली से अलग रहना चाहता था|

फिर भी अपनी पत्नी से बोला आज सामान पैक करो शाम को हम अलग रूम में रहेंगे|  दिन में उसकी पत्नी सामान पैक करने लगी तभी उसने सोचा जब वह अपना परिवार छोड़ कर आई थी तो उसे कितनी तकलीफ हुई थी बहुत रोई थी वह आज जब उसका पति अपनी फैमिली से अलग होगा |  वही तकलीफ उसे भी होगी उसने सामान पैक नहीं किया और घर के काम में लग गई शाम को उसका पति आया तो बोला तुमने सामान क्यों नहीं पैक किया |

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बबीता बोली की मैं इस घर को छोड़कर नहीं जाऊंगी अपनी फैमिली से दूर नहीं रहूंगी एक बार अपनी फैमिली को छोड़ कर आई पर दोबारा नहीं छोड़ सकती लड़ाई झगड़े तो हर घर में होती हैं |

तो क्या सब घर छोड़ देते हैं ?

किरन बोली अमित से की तुम खुद बताओ अपनी माँ से दूर हो कर क्या खुश रहोगे या तुम्हारी माँ खुश रहेगी जो तुमको जन्म दिया हैं बचपन से तुमको खिला पिला कर आज इतना बड़ा किया |  क्या उसे तकलीफ़ नही होगी ?
यह सब सुनकर उसके पति की आंखों में आंसू आ गए तभी उसकी पत्नी बोली मुझे पता है मां से अलग होने का दर्द क्या होता है आज मैं एक पत्नी हूँ कल मैं भी मां बनूँगी मेरा भी लड़का होगा |

अगर वह अलग होगा मुझे भी दर्द होगा मेरा भी दिल रोएगा तभी बबीता की सास ये सब सुनकर उसे गले से लगा लिया और बोली बहू आज से सारे झगड़े खत्म तुमने मेरी आंखे खोल दी अब हम कभी झगड़े नही करेंगे आपस में मिल कर रहेंगे एक मां बेटी की तरह सब बहुत खुश हो गये | अगर औरत चाहें तो किसी को भी बदल देगी कोई इन्सान हो या ससुराल हो

दोस्तों Ek Ghar Ki Real Life Inspirational Stories in Hindi से हमें पढ़कर ये शिक्षा मिलती है की हमें पहले अपने आप को समझना पढता है| बाक़ी सब अपनी आप सही हो जायेगा | 

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