ये 5 Best Motivational Stories in Hindi for Students जो बदल देगी आपकी जिंदगी

ये 5 Best Motivational Stories in Hindi for Students जो बदल देगी आपकी जिंदगी

दोस्तों आप ने कहानियाँ तो बहुत पढ़ी होगी पर ये 5 Best Motivational Stories in Hindi for Students आप  को ज़िन्दगी में निराशा से निकाल कर सफलता की और लेकर जाएगी |

दोस्तों कहानी शुरु करने से पहले में आप को ऐसे दस सूत्र बताने जा रहा हूं जो की अगर आपने अपने जीवन में उतार लिया तो आप को कोई भी सफल होने से नहीं रोक सकता है |

मन को संतुलन रखने के 10 सूत्र :

1.   किसी के काम में तब तक दखल ना दे, जब तक आपसे पूछा न जाये |

2.    माफ़ करना और कुछ बातों को भुलाना सीखें |

3.    पहचान पाने की लालसा न रखे |

4.    जलन की भवाना से बचें |

5.    रोजना ध्यान करे |

6.    ख़ुद को माहौल में ढलाने की चेष्टा करे |

7.    जो कभी बदल नहीं सकता उसे सहना सीखें |

8.   किसी भी काम को टालें नहीं और ऐसा  कोई काम न करे जिससे बाद में आपको पछताना पढ़े |

9.   दिमाग को खाली न रहने दे |

10. उतना ही काटे जितना चबा सकें, अर्ताथ उतना ही काम हाथ में ले जितना पूरा करने की समता हो |

ईमानदार भिखारी 

Honest beggar: दोस्तों ये Motivational Stories in Hindi for Students की पहली कहानी है जिसमे आप को पता लगेगा की भिखारी को ईमानदारी की किया सजा मिली |

ये बार एक भिखारी को रस्ते में एक पर्स पड़ा मीला मीला उसने पर्स को उठया और जब खोला तो उसमे लाखो रूपये की अशर्फियाँ थी | इतने में किया देखता है एक आदमी चिला रहा था की मेरा पर्स खो गया है , और जो मुझे लाकर देगा उसे में बहुत बड़ा इनाम दूंगा |

ऐसा कहते हुए जब भिखारी ने देखा तो उसने सोचा की मुझे उसे पर्स दे देना चहिये, भिखारी एक ईमानदार व्यक्ति था | वह भिखारी उस आदमी के पास गया और बोला साहब ये पर्स मुझे यही थोरी दूर पड़ा मीला है , अगर ये आप का है तो ले लीजिये और किया आप मुझे मेरा इनाम देंगे |

आदमी ने पर्स लिया और बोला इसमें तो बहुत सारी अशर्फियाँ थी अब तो बहुत काम है , बाकि कहा है तुमने चुरा ली है और अब इनाम मांगते हों |

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दफा हो जाओ यहाँ से नहीं तो में सिपाहियों  को बुला लूँगा , इतनी ईमानदारी दिखने के बाद भिखारी से व्यर्थ का इल्जाम सहन नहीं हुआ | भिखारी में बोला मैने कुछ भी नहीं चुराया है और इसके लिए में तुम्हारे साथ अदालत में जाने के लिए भी तयार हूं|

जब वो अदालत गए वह उनकी बात बहुत इमतियान से  सुनने के बाद काजी ने कहा मुझे तुम दोनों पर पूरा यकीन है , इस लिए में इंसाफ करूँगा |

काजी कहता है आदमी से तुम कहते हो की इसमें एक लाख रूपये की अशर्फियाँ थी बल्की भिखारी को केवल थोरी सी अशर्फियाँ मिली इसलिए पर्स तुम्हारा नहीं है | इस लिए आधी रकम सरकारी खजाने में जमा कर दी जाये और आधी इस भिखारी को इनाम में दी जाये क्योंकि इसने अपना कर्त्तव्य निभाया है|

काजी ने कहा पर्स का कोई दावेदार भी नहीं है इस लिए ये करना उचित है, दोस्तों इस कहानी से हमे ये शिक्षा मिलती है की भगवान सब देख रहा है, हमे कभी भी किसी से कोई वादा कर के पीचे नहीं होना चाहिये |

ये 5 Best Motivational Stories in Hindi for Students

ईमानदारी की कहानी 

दोस्तों आज में आप को ईमानदारी की एक कहानी बताने जा रहा हूं जो  की मैने  Friends, Paulo Coelho की किताब द डेविल एंड मिस प्रिम  के एक अंश से ली है, ये कहानी हमे छोटे छोटे मसले में भी पूरी तरह ईमानदार होने की सीख देती है |

ये कहानी है शर्मा जी की,  शर्मा जी पुरे गाँव में अपनी ईमानदारी और नेक स्वाभाव के लिए बहुत प्रसिद्द थे |

एक दिन उन्होंने अपने पुराने दोस्तों को खाने पे निमंत्रण दिया वो अक्सर ऐसा किया करते थे उनका मानना था की इससे आपस में प्यार बना रहता है |

अब जब सब शर्मा जी के घर आ गये और वह बातों का दौर चलने लगा | और जब खाने की बात चलने लगी तो  शर्मा जी को लगा की नमक तो सुबह ही खतम हो गया था |

शर्मा जी कुर्शी से खरे हुए अचानक कुछ सोचने के बाद अपने बेटे को आवाज लगाई और हाथ ने कुछ पैसे रखते हुए बोले जा बेटा बाजार से एक पुड़िया नमक तो ले आ, बेटे ने बोला जी पिताजी अभी ले आता हूं |

थोरी देर बाद शर्मा जी कहते है अपने बेटे से  सुन, ये ध्यान रखना की नमक सही दाम पे खरीदना, ना अधिक पैसे देना और ना कम देना |

बेटे ने पूछा पिताजी ज्यादा ना देना तो समज में आता है पर अगर कुछ मोल भाव कर के काम पैसे में भी लाता हूं तो उसमे हर्ज किया है , कुछ पैसे बचेंगे ही तो ना इसमें हर्ज ही किया है  |

शर्मा जी कहते है नहीं बेटा  ऐसा करना हमारे गाँव को बर्बाद कर देगा, जा तू उचित दाम पर नमक लेकर आ, शर्मा जी ले मित्र भी ये बात सुन रहे थे , किसी ने बोला भाई तेरी ये बात समज में नहीं आयी की कम दाम पर नामक लेन पर गाँव बर्बाद कैसे होगा |

शर्मा जी बोले सोचो कोई कम दाम पर नमक क्यों बेचेगा , तभी जब उसे पैसे की जरुरत हों, और जब कोई भी उसकी इस स्थिति का फायदा उठता है , वह उस मजदुर का अपमान करता है … आप देख सकते है आज हम एक चुटकी ईमानदारी के लिए तरस रहे है |

दोस्तों हम बहुत बार ऐसा व्यवहार करते है जो की हम भी जानते है की गलत है | फिर भी हम ये सोचते है की इससे किया होगा अपनी आप को समझा लेते है , और गलत काम कर देते है और इस तरह society में अपमे हिस्से की बईमानी दाल देते है |

दोस्तों चलो कसम खाते है की हम रोज-मर्रा की जिंदगी में ईमानदारी घोले और एक चुटकी  बेमानी को एक चुटकी ईमानदारी से ख़तम करे |

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