दो दोस्तों की सच्ची कहानी – A very short story about on friendship in hindi

A very short story about on friendship in hindi: दोस्तों वैसे तो अपने दोस्ती के ऊपर बहुत सी कहनियाँ सुनी होगी, पर आज जो कहनी में आप लोगों के साथ शेयर करने जा रहा हूँ वह एक बहुत ही अच्छी कहनी है जिसे पढ़ने के बाद आप अपने अंदर जरूर कुछ अलग महसूस करेंगे |

A very short story about on friendship in hindi

A very short story about on friendship in hindi

एक समय की बात है दो दोस्त राम और सोनू एक साथ एक समुद्री जहाज़ पे थे | जहाज़ समुंद्र में तेज तूफ़ान आने के कारण बर्बाद हो गया था ! बहुत मुश्किल से दोनों किसी तरह से पानी में स्विमिंग करते हुऐ एक द्वीप पे जा पहुंचे क्योंकि दोनों को स्विमिंग बहुत अच्छी तरह से आती थी |

दोनों दोस्त बचपन के अच्छे दोस्त थे पर वो अब ये नहीं समाज पा रहे थे की उन्हें अब क्या करना हैं , वे दोनों भगवान से पार्थना करने लगें और ये देखने के लिए की किसकी प्रार्थना ज्यादा शक्तिशाली हैं, ये देखने के लिए वही दो टुकड़ो में जगह बात ली और द्वीप में अपनी-अपनी प्रार्थना में लग गए  |

पहली प्रार्थना और जरुरत थी उनको कहीं से कुछ खाने के लिए मिल जाये और जब सोनू  ने सुबह देखा तो उसके पास एक फल का पेड़ नज़र आया और उसने वहाँ जाकर कुछ फल खाये और अच्छा फील किया और दूसरे दोस्त की तरफ़ कुछ भी नहीं था |

एक महीना बीत जाने के बाद सोनू को लगा की वह अकेला है तो उसने भगवान से एक पत्नी की प्रथना की और अगले दिन वह पर महिला आ गई क्यो की एक और जहाज़ समुंद्र में दुब गया था और उस जहाज़ की एक महिला उस द्वीप में आ पहुंची और दूसरी तरफ उसके दोस्त को अभी तक कुछ हाथ नहीं लगा था |

Must read: इंडिया की सबसे अच्छी मोटिवेशनल कहानी

अब सोनू ने प्र्थना में माँगा की वो खुद को और अपनी होने वाली पत्नी को बचाने के लिए और उस द्वीप को छोड़ने के लिए भगवान से प्र्थना करने लगा | अगली सुबह वह देखता है एक जहाज़ उसकी साइड पे आया उसने उस जहाज़ से मदत मांगी और सोचा की मुझे राम को यहीं छोड़ के जाना चाहिए |

क्योंकि की सोनू को लगा की उसका दोस्त भगवान के आशीर्वाद प्राप्त करने लायक नहीं हैं | क्योंकि उसने जो कुछ भी मांगा उसे उनमे से कुछ भी नहीं मिला था | सोनू ने सोचा उसे अभी तक किसी भी प्र्थना का उतर नहीं मिला हैं तो उसे यहीं पर रहना चाहिए और वह जहाज़ में बैठ कर चल दिया |

जब सोनू जहाज़ में बैठ कर जाने लगा तब स्वर्ग से एक आवाज सुनी की तुम अपने दोस्त को छोड़ कर क्यों जा रहे हो उस आवाज़ ने बोला उसने एक प्र्थना की थीं की बस मेरे दोस्त की हर प्र्थना पूरी हो जाये | अब सोनू को एहसास हुआ की वो गलत हैं !

शिक्षा

दोस्तों इस कहानी से हमे ये शिक्षा मिलती है की हमरी प्रार्थना जो पूरी हुई है उसेके पीछे भी कोई प्रार्थना जरूर होगी तभी भगवान ने हमारी प्रार्थना सुनी है |

दोस्तों आपको ये A very short story about on friendship in hindi कैसी लगी हमे कम्मनेट करके जरूर बातये |

ये भी पढ़े :

ये 5 शिक्षाप्रद कहानी जरूर पढ़े

सच्ची कहानियाँ जो ज़िन्दगी बदल दें

Leave a Comment