एक ताले और चाभी की कहानी| A lock and key story Sakhi

एक ताले और चाभी की कहानी| A lock and key story Sakhi

एक ताले चाभी की कहानी | A lock and key story

दोस्तों आज हम एक ताले और चाभी की कहानी बताने जा रहे है जो की बहुत बढ़िया कहानी है इसमें बतया गया है की हमे कैसे किसी के अंतर्मन को छू सकते है और उसके बाद हम जो चाहे वो काम करवा सकते है|

किसी गाँव में एक ताले वाले की दुकान थी ताला वाला रोजाना अनेक परकर की चाभी बनाया करता था| उसकी दुकान में एक हथौड़ा भी था वह रोज हथौड़ा देखा करता था और उसे देखा कर सोचाता था की एक चाभी इतने मजबूत ताले को भी कितने असानी से खोल देती है|




एक दिन हथौडे ने चाबी से पूछा की में तुम से ज्यादा शक्तिशली हूँ और मेरे अन्दर लोहा भी है| फिर भी मुझे ताला तोड़ने में बहुत समय लगता है और तुम इतनी छोटी हो फिर भी इतनी असनी से इतना मजबूत ताला कैसे खोल लेते हो| तब चाभी ने मुस्कुरा कर ताले से कहा की तुम ताले पर ऊपर से परहार करते हो और उसे तोड़ने की कोशिश करते हो पर में ताले के अन्दर तक जाती हु और उसके अंतरमन को छुती हूँ, और घुम कर ताले से निवेदन करती हूँ और ताला खुल जाया करता है |

वह कितनी बढ़िया बात कही है चाभी ने की में ताले के अन्तरमन को छुती हूँ और वह खुल जाया करता है| इसका यहाँ तात्पर्य है की आप कितने ही सख्तीशाली  हो या कितनी भी आप के पास तगत हो लेकिन जब तक आप लोगो के दिल में नहीं उतरेंगे या उनके अन्तरमन को नहीं  छुयेंगे तब तक कोई भी आप की इज्जत नहीं  करेगा|

Conclusion of A Lock And Key Story

हथौडे के प्रहार से ताला खुलता नहीं बल्कि टूट जाया करता है, ठीक वैसे ही अगर आप शक्ति के बल पर किसी से काम करना चाहते हो तो आप १००%  ना कामयाब होंगे शक्ति में आप किसी के दिल को नहीं छु सकते, चाभी बने सब के अंतर्मन को छुए|

अगर हम किसी के मन में उतरना है तो हमें चाभी  बनना चहिये ना की हथौड़ा| अगर हम किसी के अंतरमन में ही उत्तर जायेंगे तो वह हमरे लिए वो सब करेगा जो वो श्याद नहीं करता| इसी तरह हमे भजन कीर्तन में भी करना है ऊपर से प्रहार करने से कुछ नहीं होगा| अगर आप परमात्मा को पाना चाहते हो तो आप को बहार से अन्दर की तरफ आना पढ़ेगा|

एक ताले चाभी की कहानी कैसी लगी कमेन्ट कर बताये|

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