सुंदरता का मायने एक प्रेरणादयाक कहानी | A Call center story

सुंदरता का मायने एक प्रेरणादयाक कहानी

A Call center story: Call center के बहार लम्बी लाइन लगी थी ! नौकरी तो दस लोगों को मिलनी वाली थी पर लम्बी कतार बता रही थी कि नौकरी की आशा में तीन सौ लोग लाइन में थे ! शालिनी ने लोगों की बातचीत से ही अंदाजा लगा लिया था की नौकरी का आवेदन करने वाले ज्यादा हैं !

सुंदरता का मायने एक प्रेरणादयाक कहानी A Call center story
सुंदरता का मायने एक प्रेरणादयाक कहानी A Call center story

वह मन ही मन नर्वस हो रही थी की इतने आंख वालों बीच उस अन्धी लड़की को कॉल सेंटर में नौकरी कैसे मिलेंगी ?

तभी Peon ने उसका नाम पुकारा और वह अपनी बहन नेहा साथ अंदर जाने लगी लेकिन  Peon ने नेहा को अंदर जाने से रोक दिया ! नेहा ने बताना चाहा कि उसकी बहन अंधी है मगर शालिनी ने उसके हाथ को दबाते हुए इशारा करके रोक दिया और अकेले ही अंदर जाने का मन बना लिया !

शालिनी इसी भ्रम में थी कि वह अंधी है तो क्या हुआ उसके पास शिक्षा की आंखे तो हैं मगर आज उसका भ्रम टूट गया ! उसे Call center  नौकरी के लिए अनुपयोगी माना गया ! वह वापस बस में अपने शहर जा रहीं थी ! उसके आँसू रुकने  नाम नहीं ले रहे थे ! वह नेहा से कह रही थी की : पिताजी ने अपना सारा पैसा मेरी पढ़ाई में लगा दिया !

अब अगर मुझे नौकरी नहीं मिली तो दो वक़्त की रोटी भी नसीब नहीं होंगी !उसकी ये सारी बातें उसी की सीट के पीछे बैठा राजू सुन रहा था ! वह शालिनी के पड़ोस रहता था और मन ही मन शालिनी को पसंद करता था !

मगर वह जनता था कि हीन भावना की शिकार शालिनी कभी उसकी जीवन संगनी बनने को तयार नहीं होगी ! राजू को समझ नहीं आ रहा था की वह किस तरह शालिनी की मदद करे ! सोचते-सोचते आखिर उसके दिमाग में एक खतरनाक विचार ने जन्म लिया !

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उसने घर आकर शालिनी से मुलाकात की और उससे स्पष्ट सब्दों में कहा की मेँ तुमसे प्यार करता हूँ ! हालांकि मैं सुन्दर नहीं हूँ और शायद तुम्हारी आंखे होती तो तुम मुझे रिजेक्ट कर देती !

शालिनी की आँख मैं आँसू आ गए ! उसने कहा वो पागल होते है जो अपने चाहने वाले को रिजेक्ट कर देते हैं ! पर राजू मैं तुमसे प्यार नहीं कर सकती ! तुम अपने  आँख वाली लड़की ढूंढो !

राजू निराश हो कर चला गया ! कुछ ही दिनों में उसे किसी शहर में Insurance Company में नौकरी मिली गई और वह गाँव छोड़कर चला गया !

एक दिन गांव में कुछ NGO वाले आए ! उनकी नज़र शालिनी पर गई तो उन्होंने उसे बताया की उसकी आँख ठीक हो सकती हैं ! हालांकि शालिनी को विश्वास नहीं हो रहा था, लेकिन NGO के लोगो के आष्वासन देने पर उसकी ख़ुशी का ठिकाना न रहा !

अब शालिनी के पास आंखे थी ! एक नहीं दो, जो की उसकी सुंदरता में चार चाँद लगा रहे थे ! इस बार उसने एक M.N.C call center में Apply किया और उसे आठ लाख के Annual Package की अच्छी नौकरी मिली गई ! सब कुछ ठीक था, लेकिन अब उसे राजू की याद आ रही थीं |

उसने राजू को कई जगह तलाश किया ! उसने घर पर भी पूछताछ की मगर राजू का पाता नहीं चल रहा था ! दुसरी और शालिनी की माँ ने उसके लिए रिश्तों की तलाश शुरू कर दी थीं पर शालिनी के दिल में तो राजू ही बसा था ! शालिनी की तलश ने अब एक मिशन का रूप ले लिया था !

वह सोचती रहती थी कि जो लड़का एक अंधी लड़की को अपना बनाना चाहता हो उसका दिल कितना सुन्दर होगा ! वह राजू से मिलकर उसे सरप्राइस देना चाहती थी, वह राजू का हाथ पकड़ कर कहना चाहती थी की राजू चल शादी करतें है, पर इसके लिए राजू का मिलना भी तो जरुरी था !

राजू की तालश में अब Google, Facebook, Twitter, WhatsApp से बदलकर प्राथना तक जा पहुंची थी ! एक दिन उसी Blind School के एक कार्यक्रम में Chief Guest बनने का मौका मिला जिससे कभी वह खुद पढ़ा करती थीं ! वह नेहा  साथ लेकर स्कूल की सीढ़ियाँ चढ़ रही थीं तभी सीढ़ियों से उतर रहा एक स्टूडेंट नेहा से टकरा कर गिर गया !

शालिनी दौड़कर उसे उठाने  मद्दद करने लगी जो की वास्तव में वही राजू था, जिसने किसी दिन शालिनी से अपने प्रेम का इजहार किया था ! जैसे ही नेहा की नज़र राजू पर पड़ी, उसके मुँह से निकला – राजू तुम ?

राजू ने नेहा की आवाज पहचान ली, उसने कहा-नेहा तुम ? यहाँ क्या कर रही हो ! नेहा ने कहा – पहले ये बताइये कि आप यहाँ क्या कर रहे हैं !

राजू ने कहाँ एक एक्सीडेंट में मेरी दोनों आँख चली गई ! इसलिए बेल लिपि सिख रहा हूँ ! शालिनी का तो दिमाग ही चकरा कर रह गया ! वह मन ही मन मन सोचने लगी – क्या यहीं राजू है ! इतना काला, इतना बदसूरत और आँख ना होने की वजह से डरावना भी तो लगता है !

राजू ने नेहा से शालिनी के बारे पूछा तो शालिनी ने तुरंत उसे इशारा  कि उसके बारे में ना बताए नेहा ने राजू से  की शालिनी तो नहीं आ पाई !

राजू ने थोड़ा उदास होकर पूछा, अच्छा ! पर शालिनी को  को तो Chief Guest के रूप में invite किया गया था !  शालिनी ने नेहा को कुछ इशरे में समझया नेहा उसकी बात समझ गई और उसने कहा की हां ! Invite किया था पर उसके आँख अन्धेपन की वजह से नहीं आ सकती !

इसलिए में स्कूल प्रसाशन को माना करने आई हूँ | राजू की उदासी और गहरी गई ! उसने नेहा से विदा ली और धीमें-धीमें स्कूल की सीढ़ियां उतरने लगा लगा ! उतरते हुए उसने अपना मोबाइल निकल किया था और उसमे कुछ नंबर टटोलने लगा !

उसे अपने से दूर जाते देख शालिनी  ने राहत की साँस ली और नेहा से कहा कि हमने झुठ तो बोल दिया पर वह हमारा पड़ोसी है ! ये झूठ ज्यादा दिन नहीं काल पायेगा !

शालिनी ने फैसला लिया की अब उसे Chief Guest नहीं बनना है वरना आज ही राजू को पूरा झूठ पता चल जायेगा ! शालिनी फिर नेहा के साथ सीढ़यों उतरने लगी उसने देखा की राजू भी फ़ोन पर गुस्से में किसी से बात करते हुए उतर रहा हैं !

शालिनी  ने नेहा को समझया की-दबे कदमों से उतरना, नहीं तो राजू हमारे कदमों की की आहट से भी पहचना लेगा ! दोनों दबे कदमों से राजू के करीब से गुजरी मगर फ़ोन पर चल रही बातचीत से शालिनी को झटका सा लगा ! वह थोड़ा रूककर ध्यान से राजू की बातें सुनने लगी !

राजू फ़ोन पर NGO के लोगों को डॉट रहा था कि शालिनी आज भी नहीं देख पा रही हैं ! वह NGO वालों को ना जाने क्या-क्या कह रहा था ! आखिर में उसकी आँख से आँसू निकल पड़े और NGO वालो को बदुआ देते हुए कहा तुम लोगों ने मेरी शालिनी की ज़िन्दगी खराब कर दी !

काश मेरे पास और आँखे होती तो में दोबारा उसे अंख दान कर देता मगर इस बार तुम्हारे पास नहीं आता सारी बात सुनकर शालिनी की आँख से आँसू बह निकले, वह राजू से जाकर लिपट गई और माफ़ी मांगने लगी !

उसने जो-झूठ नेहा से बुलवाया था, वह सब भी बता दिया ! राजू हसंकर कहा – अरे पगली मै तो जनता था की आँखे मिलने पर तू मुझे रिजेक्ट कर देगी ! इसलिए तो में खुद ही तुझसे दूर चला आया ! अब मुझे तेरी जरूरत नहीं हैं क़्योंकि जब से आंखे तुजे दी हैं, तू मेरी आँख में ही रहती है !

शालिनी रोते हुए राजू के गले लग गई ! उसने कहा पर राजू मुझे तो तेरी जरुरत है ! शायद मैं सुंदरता के मायने भूल गई थी, मुझे माफ़ कर दो !

दोस्तों आप को ये कहानी कैसी लगी हमे कम्मनेट करके बातये !

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